खामोशियां Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps - November 14, 2019 एक बार ख़ामोशियों और अल्फाजों में बहस हुई, शब्द तो चिल्लाते रहे और खामोशियां दबती रहीं,अल्फाजों में उलझी रही... क्योंकि सुनने के लिए तो सब थे पर महसूस करने के लिए कोई नहीं । Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
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