क्या जरूरी है ?
क्या जरूरी है हर बात को बढ़ा चढ़ाकर बताना,
क्या जरूरी है आईने से नजर हटते ही खुद को भूल जाना,
क्या जरूरी है खुशी में आंसू बहाना और हर गम में मुस्कुराना,
क्या जरूरी है हर बात को दिल से लगाना,
जरूरी तो नहीं हर मुलाकात का समय पर हो जाना,
जो टूटने हो बाद में खुद के ही हाथों, जरूरी ही क्या है ऐसे नियम बनाना ।
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